प्रणव कुमार अभय ।नई दिल्ली
बिहार के सीतामढ़ी में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जवाहरनगर, सुतिहारा, सीतामढ़ी में आयोजित 7 दिवसीय भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर के तीसरे दिन छात्र-छात्राओं ने भारतीय भाषाओं एवं लोक कलाओं से जुड़ी विविध गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान बच्चों ने मैथिली लोकगीत, उर्दू गीत, मधुबनी पेंटिंग तथा नुक्कड़ नाटक की बारीकियां सीखीं।
विद्यालय के प्राचार्य पंकज अग्रवाल ने कहा कि लोकगीत और लोक कलाएं बच्चों को अपनी जड़ों एवं संस्कृति से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि बहुभाषी शिक्षा और पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने से छात्र-छात्राओं में सांस्कृतिक समझ, सम्मान और व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है।
प्रधानाध्यापक आर.के. रंजन ने बच्चों को मैथिली और उर्दू जैसी भाषाओं को सीखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भाषाई विविधता भारत की समृद्ध पहचान है और नई भाषाओं का ज्ञान बच्चों के बौद्धिक विकास में सहायक होता है।
शिविर में प्रशिक्षक के रूप में संगीत शिक्षक संजय कुमार बच्चों को लोकगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं प्राथमिक शिक्षिका रिजवाना उर्दू भाषा की बुनियादी शिक्षा प्रदान कर रही हैं। मैथिली शिक्षक पवन कुमार झा बच्चों को मैथिली भाषा, साहित्य और संस्कृति से परिचित करा रहे हैं।
शिविर के तीसरे दिन की गतिविधियों ने बच्चों में भाषा, कला और संस्कृति के प्रति नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया। विद्यालय परिवार ने इसे भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
