नितिन गुप्ता/ प्रणव कुमार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज राजधानी लखनऊ में सड़क सुरक्षा को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क हादसों को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को कड़े और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए तथा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमारे लिए प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अकाल मृत्यु देश और राज्य दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है” उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं जागरूकता के अभाव में होती है इसलिए सभी जनपदों में सड़क सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए शासन स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए उन्होंने निर्देश दिए कि हर पक्ष (15 दिन) में सड़क सुरक्षा की बैठक कर प्रगति का मूल्यांकन किया जाए और लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि सड़कों पर स्टंटबाजी, ओवरस्पीडिंग और नशे में वाहन चलाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ऐसा करने वाले हुड़दंगियों और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी वाहन का बार-बार चालान हो रहा है तो उस पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए तथा परिवहन विभाग को हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन निगम यह सुनिश्चित करे कि सड़कों पर केवल वही बसें चले जिनकी फिटनेस पूरी तरह सही हो। इसके साथ ही बसों के चालकों और परिचालकों का समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य व आई-टेस्ट (आंखों का परीक्षण) होना चाहिए।
सड़क सुरक्षा को एक जन-आंदोलन बनाने पर जोर देते हुए सीएम योगी ने लोगों को जागरूक करने के लिए चौराहों, टोल प्लाजा, व्यस्त मार्गों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) के माध्यम से यातायात नियमों की जानकारी दी जाए सीट बेल्ट बांधने, हेलमेट लगाने और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए जनता को प्रेरित किया जाए।
सड़कों के सुदृढ़ीकरण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश भर की सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ‘ब्लैक स्पॉट्स’ को चिह्नित कर तय समय-सीमा के भीतर उनका तकनीकी निराकरण किया जाए इसके अलावा जरूरी जगहों पर साइनेज (संकेत बोर्ड) लगाए जाएं और चौराहों व संवेदनशील मोड़ों पर ‘टेबलटॉप स्पीड ब्रेकर’ बनाए जाएं ताकि वाहनों की गति को नियंत्रित किया जा सके।
