नितिन गुप्ता / प्रणव कुमार
नई दिल्ली, 27 अगस्त। दिल्ली विश्वविद्यालय में ओम प्रकाश कोहली स्मृति समिति के द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद थे।आयोजन की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह ने की। इस अवसर पर इंद्रमोहन कपाही, बलराम पानी, ऋतु कोहली आदि विद्वान अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। आयोजन की शुरुआत प्रो. राजकुमार भाटिया जी के वक्तव्य एवं कोहली जी के संस्मरणों से हुई।
श्री राम नाथ कोविंद ने कहा कि ओमप्रकाश कोहली एक बेहतर शिक्षक थे। उन्होने अभाव में अपना जीवन जिया। आपातकाल के दौरान अपने विचारों के साथ समझौता नहीं किया। राज्यसभा सांसद व राज्यपाल के रूप से बेहतरीन सेवा दी। उन्होंने जीवन में साधारण रहकर श्रेष्ठता का प्रणाम दिया। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के नेतृत्व की प्रशंसा की। एक अच्छा इंसान ही एक अच्छा नागरिक बनाता है, जिसमें शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आने वाली पीढ़ी में सही मूल्यों का संचार होना चाहिए।
प्रो. योगेश सिंह जी ने कहा कि ओमप्रकाश जी नदी की तरह थे जहां गए मिट्टी गीली की। जीवन मे संवेदना का होना बहुत आवश्यक है। विकसित भारत के मायने 25 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करना है। जिसमें समरसता हो कोई छोटा बड़ा न हो। हम अपने कर्तव्य ठीक से निभाते हैं तो विकसित भारत बनेगा। अनुशासन, राष्ट्र एवं चरित्र निर्माण के द्वारा ही विकसित भारत बनेगा। दिल्ली विश्वविद्यालय को शिखर पर पहुचना भी है और ठहरना भी है।
इस मौके पर उनके परिवार से सुपर्णा खुराना, ऋतु कोहली और आकांक्षा खुराना आदि उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन प्रो इंद्रमोहन कपाही ने प्रस्तुत किया।
