संवाददाता अयोध्या
विश्व आस्था और सनातन संस्कृति के सबसे बड़े केंद्र अयोध्या में एक अत्यंत ऐतिहासिक और अभूतपूर्व प्रशासनिक बदलाव हुआ है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लेते हुए भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। यह फैसला मंदिर परिसर के अभूतपूर्व विस्तार, सुरक्षा की अभेद्य व्यवस्था, दैनिक स्तर पर पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन और मंदिर के वित्तीय व प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह पारदर्शी और पेशेवर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के उन बेहद सम्मानित और रणनीतिक अधिकारियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक देश की सीमाओं और आकाशीय सुरक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित किया। वर्ष 1986 में फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना में शामिल हुए जीतेंद्र मिश्रा ने अपने लंबे करियर में मिराज 2000 और सुखोई जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों में 3,000 घंटे से अधिक की उड़ान भरी है। कारगिल युद्ध के दौरान अग्रिम मोर्चों पर रणनीतिक तैनाती से लेकर देश के कई महत्वपूर्ण एयरबेस का सफल नेतृत्व करने का विशाल अनुभव उनके पास है।
सैन्य जीवन में जीतेंद्र मिश्रा की सबसे ऐतिहासिक उपलब्धियों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान निभाई गई मुख्य रणनीतिकार की भूमिका शीर्ष पर आती है। वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख रहते हुए उन्होंने अत्यंत संवेदनशील और कठिन परिस्थितियों में दुश्मन के नापाक इरादों को ध्वस्त किया था। उनके सटीक मार्गदर्शन और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण ही उस जटिल सैन्य अभियान में भारत को अभूतपूर्व सफलता हासिल हुई थी। उनकी इसी अतुलनीय वीरता, रणनीतिक सोच और उत्कृष्ट राष्ट्रसेवा के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मानों में से एक ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ (SYSM) से अलंकृत किया जा चुका है।
यह नियुक्ति न केवल भारतीय सशस्त्र बलों बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल क्षेत्र के लिए एक अत्यंत गर्व का क्षण है। पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी हैं। देवरिया की पावन माटी में पले-बढ़े मिश्रा ने एक साधारण पृष्ठभूमि से उठकर अपनी कड़ी मेहनत, अटूट अनुशासन और देशभक्ति के बल पर NDAके रास्ते वायुसेना के सर्वोच्च पदों तक का सफर तय किया। उनके राम मंदिर का CEO बनने की खबर मिलते ही उनके गृह जिले देवरिया और पूरे पूर्वांचल में जश्न और खुशी का माहौल है।
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ही अयोध्या में प्रतिदिन औसतन दो से तीन लाख रामभक्तों का आगमन हो रहा है। इतने विशाल जनसमुदाय का सुचारू प्रबंधन, त्रिस्तरीय अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए अन्नक्षेत्र, चिकित्सा व आवास सुविधाएं और परिसर की स्वच्छता को बनाए रखना किसी बड़े सैन्य मिशन से कम नहीं है। हाल के समय में विशाल भीड़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे देखते हुए ट्रस्ट को एक ऐसे कठोर अनुशासित और अनुभवी नेतृत्व की तलाश थी जो बिना किसी चूक के इस विशाल परिसर का संचालन कर सके।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की उच्चस्तरीय समिति ने देशभर से आए हजारों आवेदनों का बेहद पारदर्शी और गहन मूल्यांकन करने के बाद जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई। चयन समिति का स्पष्ट मानना था कि विश्व के सबसे बड़े और बहुचर्चित धार्मिक स्थलों में से एक अयोध्या राम मंदिर के लिए एक पूर्णकालिक, निष्पक्ष और सैन्य अनुभव से समृद्ध प्रशासनिक प्रमुख का होना नितांत आवश्यक था, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और सटीक निर्णय ले सके।
नवनियुक्त CEO के रूप में जीतेंद्र मिश्रा के सामने कई महत्वपूर्ण और रणनीतिक प्राथमिकताएं होंगी। उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में मंदिर परिसर की सुरक्षा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , ड्रोन सर्विलांस और आधुनिक तकनीक से लैस करना, आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के प्रतीक्षा समय को न्यूनतम करना, वीआईपी और सामान्य लाइनों का संतुलन बनाना तथा मंदिर ट्रस्ट के दैनिक संचालन व वित्तीय पारदर्शी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालना शामिल है। इसके अलावा मंदिर परिसर में चल रही भावी निर्माण योजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा कराना भी उनकी सीधी निगरानी में होगा।
एक जांबाज सैन्य योद्धा, जिसने दशकों तक देश की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा की, अब मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के पावन धाम की सेवा में अपनी प्रशासनिक क्षमताओं का योगदान देगा। अयोध्या में सैन्य अनुशासन और आध्यात्मिक श्रद्धा का यह अद्भुत संगम देश भर के नागरिकों में एक नया विश्वास जगा रहा है। देवरिया से लेकर अयोध्या और पूरे देश के रामभक्तों को पूरा भरोसा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नायक रहे पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अपनी नई जिम्मेदारी में भी उत्कृष्टता का स्वर्णिम इतिहास रचेंगे और राम मंदिर प्रबंधन को पूरे विश्व के लिए एक आदर्श मॉडल बनाएंगे।

