डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी
बिहार में चतुर्थ चरण TRE-4 का बेसब्री से इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों और प्रतियोगी छात्रों के लिए एक बेहद राहत भरी, सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक बहाली की इस महत्वाकांक्षी और विशाल प्रक्रिया को लेकर एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों के हित में संवेदनशीलता, तत्परता और दूरदर्शिता दिखाते हुए इस भर्ती में रिक्तियों की संख्या को एक बार फिर से बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे राज्य के हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने के नए और बेहतर अवसर पूरी तरह से खुल गए है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, TRE-4 भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत अब कक्षा 9-10 के लिए संगीत विषय में 111 अतिरिक्त शिक्षक पदों को जोड़ने की प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी दे दी गई है। संगीत विषय में इन अतिरिक्त सीटों की बढ़ोतरी के बाद अब TRE-4 भर्ती परीक्षा के तहत कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर 33,385 हो जाएगी। सरकार के इस दूरगामी कदम से राज्य भर के उन तमाम प्रतिभाशाली युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा जो कला, सांस्कृतिक गतिविधियों और संगीत के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारने के लिए लंबे समय से नई भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे थे।
इस महत्वपूर्ण घोषणा के दौरान शिक्षा मंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं और विजन को बेहद स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य के युवाओं, छात्रों और विशेष रूप से महिला अभ्यर्थियों को अधिक से अधिक और पारदर्शी अवसर प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर मजबूत बनाने और प्राथमिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों तक योग्य शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभाग लगातार उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें कर रहा है। सरकार युवाओं के सुझावों, व्यावहारिक दिक्कतों और जायज़ मांगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगातार नीतिगत निर्णय ले रही है।
अगर इस पूरे बहाली अभियान के शुरुआती विवरणों और पड़ावों पर नज़र डालें, तो शिक्षा विभाग ने सबसे पहले TRE-4 के लिए केवल 32,388 पदों की अधियाचना तैयार की थी। हालांकि, जैसे ही इन प्रारंभिक पदों का ब्योरा सामने आया, राज्य के विभिन्न हिस्सों से स्थानीय भाषाओं, क्षेत्रीय बोलियों और विशिष्ट विषयों के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों का तर्क था कि कई महत्वपूर्ण विषयों में स्वीकृत पदों की संख्या उनकी योग्यता और ज़मीनी ज़रूरतों के हिसाब से काफी कम थी, जिससे कई योग्य अभ्यर्थी अवसर से वंचित रह जाते।
विशेष रूप से मैथिली, भोजपुरी, मगही, प्राकृत और पाली जैसी क्षेत्रीय एवं प्राचीन भाषा विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्रों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिला था। अभ्यर्थियों के साथ हुई इस सकारात्मक और विस्तृत बातचीत के बाद शिक्षा विभाग ने बिना किसी देरी के पूरे मामले का संज्ञान लिया। विभाग ने आरक्षण रोस्टर की नए सिरे से गहन समीक्षा की और तकनीकी विसंगतियों को दूर करते हुए रोस्टर को पूरी तरह स्पष्ट कराया। इसके फलस्वरूप पूर्व में ही इन विभिन्न भाषा विषयों (मैथिली, भोजपुरी, मगही, प्राकृत, पाली आदि) के लिए 886 नए पदों की अतिरिक्त वृद्धि कर हजारों अभ्यर्थियों को बहुत बड़ी राहत दी गई थी।
भाषा विषयों के पदों में उल्लेखनीय वृद्धि करने के बाद अब सरकार ने संगीत विषय के अभ्यर्थियों के लिए भी अवसरों का दायरा बढ़ाने का काम किया है। इस फैसले की पृष्ठभूमि और मुख्य वजहों की जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि हाल ही में राज्य के सुदूर ग्रामीण और शहरी इलाकों से आई बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने पहुंची थीं। इन महिला अभ्यर्थियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याओं, अपनी शैक्षणिक योग्यताओं और संगीत विषय में रिक्तियां बढ़ाए जाने की नितांत आवश्यकता को बेहद प्रमुखता और मजबूती से मंत्री के समक्ष रखा था।
शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने पहुंची इन महिला अभ्यर्थियों में अररिया, पूर्णिया, गोपालगंज, कैमूर, रोहतास और चंपारण समेत राज्य के कई अलग-अलग ज़िलों की महिलाएं शामिल थीं। इन अभ्यर्थियों का कहना था कि वे पिछले काफी समय से TRE-4 भर्ती के आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार कर रही हैं और उन्होंने संगीत के क्षेत्र में न केवल उच्च शिक्षा प्राप्त की है, बल्कि व्यावहारिक स्तर पर भी काफी काम किया है। अभ्यर्थियों ने रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर अपने मंत्री से उपहार स्वरूप सीटों में वृद्धि की भावुक मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए सरकार ने 111 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का संवेदनशीलता से भरा निर्णय लिया।
बिहार सरकार के इस बड़े फैसले से न केवल संगीत और क्षेत्रीय भाषाओं के अभ्यर्थियों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे राज्य में TRE-4 की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों का मनोबल भी काफी बढ़ा है। रिक्तियों में हुई इस कुल 997 (886 भाषा + 111 संगीत) पदों की कुल बढ़ोतरी से हजा़रों परिवारों के सपनों को नई उड़ान मिलेगी। इसके साथ ही जल्द ही बढ़ी हुई सीटों की संशोधित अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी जाएगी। जानकारों का मानना है कि इस कदम से बिहार के सरकारी स्कूलों में भाषाई, सांस्कृतिक और संगीत शिक्षा का स्तर सुधरेगा और विद्यालयों को योग्य व समर्पित शिक्षक मिल सकेंगे।
