नितिन गुप्ता।नई दिल्ली
बिहार के सीतामढ़ी में 21 मई 2026 को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जवाहरनगर, में चल रहे ‘भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर 2026’ के पांचवें दिन बच्चों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रभक्ति का बेजोड़ उदाहरण पेश किया इस शिविर का मुख्य उद्देश्य न सिर्फ बच्चों की भाषाई क्षमता को निखारना है,बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है इसी कड़ी में आज विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
सुतिहारा चौक पर नुक्कड़ नाटक की धूम, ‘जल ही जीवन है’ का दिया संदेश शिविर के पांचवें दिन की शुरुआत एक बेहद संवेदनशील सामाजिक विषय ‘जल संरक्षण’ के साथ हुई विद्यालय के बच्चों ने सुतिहारा चौक पर जाकर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया आम जनता से सीधे जुड़ने के लिए बच्चों ने बेहद सरल, सहज और आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया जिसे स्थानीय लोगों ने खूब सराहा अभिनय के माध्यम से बच्चों ने गिरते भूजल स्तर और पानी की बर्बादी से आने वाले संकट को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया “जल है तो कल है” तथा “जल ही जीवन है” जैसे नारों को बुलंद करते हुए छात्र-सौम्यश्री, स्वरांजलि, कर्तव्य, अभिनव, रौनक राज, अलकुम, हर्ष, शौर्य प्रकाश, यदुवंश, वैदिक वंदन, प्रियंका, अरनव और दृश्या ने अपने शानदार अभिनय से उपस्थित जनसमुदाय को भावुक भी किया और सोचने पर मजबूर भी किया बच्चों की इस बेहतरीन और पेशेवर प्रस्तुति के पीछे विद्यालय के शिक्षकों का कड़ा परिश्रम था इस नाटक को प्रधानाध्यापक आर. के. रंजन, संगीत शिक्षक संजय कुमार, शिक्षिका रिजवाना एवं शिक्षक पवन कुमार झा के कुशल दिशा-निर्देशन और मार्गदर्शन में तैयार किया गया था शौर्य गाथा फिल्म शो से बच्चों में जगी राष्ट्रभक्ति की भावना
सुतिहारा चौक पर सफल नुक्कड़ नाटक के बाद विद्यालय परिसर में बच्चों के भीतर राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की भावना को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष फिल्म शो का आयोजन किया गया इस फिल्म शो के माध्यम से देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथा और उनके कड़े संघर्षों को दिखाया गया रुपहले पर्दे पर देश के नायकों के संघर्ष को देख बच्चे बेहद प्रभावित हुए और पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और देश के गौरवशाली इतिहास का बोध कराना बेहद जरूरी है राष्ट्र निर्माण की नींव आज के बच्चों के हाथों में ही है देश भक्ति की भावना को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने आचरण में उतारकर ही हम एक सशक्त भारत का निर्माण कर सकते है
पंकज अग्रवाल, प्राचार्य (पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय) उन्होंने कहा कि इस पूरे आयोजन ने न केवल स्थानीय लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया, बल्कि ग्रीष्मकालीन शिविर में भाग ले रहे बच्चों को राष्ट्र सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की एक नई प्रेरणा भी दी।
