अरिमर्दन दुबे
नई दिल्ली, 8 जुलाई। भारत के युवाओं को हुनरमंद बनाने और उनके लिए विदेशों में नौकरी के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले संस्थान नाइलिट और एडुने वर्ल्ड ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य भारतीय युवाओं को डिजिटल साक्षरता, नई टेक्नोलॉजी और विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग देकर उन्हें वैश्विक स्तर पर रोजगार के काबिल बनाना है। यह साझेदारी नई दिल्ली के ईस्ट किदवई नगर स्थित नाइलिट कॉर्पोरेट ऑफिस में दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी हुई।
यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से सीधे तौर पर जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दुनिया भर में कुशल जनशक्ति की कमी को दूर करने और भारत के हुनरमंद युवाओं को वैश्विक मंच पर सही अवसर दिलाने की बात कही थी। इस साझेदारी के तहत युवाओं को न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत किया जाएगा, बल्कि उन्हें विदेशी भाषाओं और अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि वे विदेशों में बिना किसी परेशानी के काम कर सकें। नाइलिट और एडुने वर्ल्ड का यह साझा प्रयास भारत को दुनिया का सबसे बड़ा और भरोसेमंद ‘टैलेंट हब’ बनाने की दिशा में काम करेगा।
इस अवसर पर नाइलिट के महानिदेशक डॉ. एम. एम. त्रिपाठी ने कहा कि देश की तरक्की के लिए हर किसी को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट का समान अवसर मिलना जरूरी है। हमारा प्रयास है कि सीखने की व्यवस्था इतनी सरल और सुलभ हो कि देश के हर कोने तक आसानी से पहुंचे। उन्होंने आगे बताया कि डिजिटल स्किलिंग के जरिए हम युवाओं को उनके ही क्षेत्र में रोजगार के मौके दे सकते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और काम की तलाश में होने वाले पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
डॉ. त्रिपाठी के इस विजन का समर्थन करते हुए एडुने वर्ल्ड के सीईओ श्री केतन सिन्हा ने कहा कि हम इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। एडुने वर्ल्ड भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के काबिल बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। नाइलिट के साथ मिलकर हम एक ऐसा मजबूत ढांचा तैयार कर रहे हैं, जो युवाओं को न केवल आधुनिक तकनीकी ज्ञान देगा, बल्कि विदेशी भाषाओं और प्लेसमेंट सपोर्ट के जरिए उनके लिए देश और विदेश दोनों जगहों पर बेहतरीन नौकरियों के रास्ते खोलेगा।
इस समझौते के तहत युवाओं को मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए विदेशी भाषाएं सिखाई जाएंगी, करियर काउंसलिंग दी जाएगी और बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप व प्लेसमेंट के मौके दिलाए जाएंगे। दोनों संस्थाएं मिलकर नाइलिट डिजिटल यूनिवर्सिटी (NDU) के प्लेटफॉर्म को भी बढ़ावा देंगी, ताकि लोग ऑनलाइन माध्यम से लगातार सीख सकें। यह साझेदारी ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को सच करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
