–नितिन गुप्ता/ प्रणव कुमार
नई दिल्ली,अखिल भारतीय साहित्य परिषद की युवा कार्य बैठक का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के मंत्री मनोज कुमार शर्मा ने किया।
बैठक में 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर संजीव सिन्हा,प्रो.सारिका कालरा सहित इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के पदाधिकारियों ने संगठन की भावी दिशा और नई पीढ़ी की प्रभावी भागीदारी को लेकर अपने विचार साझा किए।
विमर्श के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि परिषद की गतिविधियों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार देते हुए अधिकाधिक युवाओं तक पहुँच बनाई जाए। बैठक में सम्मिलित प्रतिभागियों ने साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए पुस्तक परिचर्चा, पठन-पाठन अभियान, साहित्यिक कार्यशालाओं, लेखन प्रशिक्षण तथा अध्ययन-आधारित कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का सुझाव दिया। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में यह भी विचार सामने आया कि नई पीढ़ी को जिम्मेदारियाँ सौंपकर नेतृत्व क्षमता विकसित की जाए, जिससे परिषद का कार्य व्यापक स्तर पर आगे बढ़ सके। उपस्थित सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में रचनात्मक पहल, जनसंपर्क अभियान तथा सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक चेतना का विस्तार करने पर जोर दिया।
अंत में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करते हुए कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार को प्रोत्साहन तथा युवा शक्ति के सहयोग से संगठन को अधिक सशक्त, सक्रिय और जनसरोकारों से जोड़ने का संकल्प लिया गया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से अखिल भारतीय साहित्य परिषद नई ऊर्जा के साथ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देती रहेगी।
